जादुई चप्पल | Jadui Chappal | The Magical Shoe

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जादुई चप्पल

जादुई चप्पल की अनोखी कहानी -:

जादुई चप्पल | एक गांव में एक चिंटू नाम का लड़का रहता था, वह काफी शरारती और बदमाश था,  वह बड़े की बात को जल्दी नहीं मानता था। फिर एक दिन चिंटू के पापा कुछ जरूरी  काम से बाहर  जा रहे थे,  तभी चिंटू जीत पकड़  लेता है संग में जाने की। पिताजी समझाते हुए  अपने बेटे से कहता है  मैं कुछ काम से जा रहा हूं और वापस आने के टाइम तुम्हारे लिए बहुत सारी खिलौने और चॉकलेट लेकर आऊंगा।  पर चिंटू का मन फिर भी नहीं बदला वह  और वह जीत में अड़ा हुआ रहता है।  तभी चिंटू के पिताजी के मन में एक  विचार आता है और वह अपने बेटे से कहता है ठीक है बेटा मुझे जाने दो मैं तुम्हारा मामा जी को बुला दूंगा।  चिंटू मामा जी आएंगे सुनकर शांत हो जाता है।

चिंटू  मामा जी आएंगे सुनकर शांत हो जाता हें…

तुरंत ही पिताजी  आपके मामा को बुला लाता “हूँ” बोलता हुआ चला जाता हें. चिंटू ख़ुश हो जाता है, और मामा जी के नाम से घर पे  रुकने के लिए भी  तैयार हो जाता है.. चिंटू घर पर अकेला हो गया था!, घर पर कोई नहींथा, उसकी मम्मी  भी कुछ काम से बाहर गयी  हुई थी और उसके पापा भी ऑफिस के काम से बाहर चले गए थे. चिंटू अकेला बैठा सोच रहा था…अपने आप से बाते करता है “क्या करू में… इतना बोर हो रहा हूँ… मुझे बाहर खेलने जाना चाहिये..” तबही उसके मन मे ख्याल अत हें “मुझे यही रहना चाहिये…. मामा जी नहीं तो मुझे ढूंढते  रहेंगे….

चिंटू बैठा सोच ही रहा था की तभी उसके मामा जी दरवाजे की घंटी बजाते है…

पिताजी चले जाते हैं चिंटू घर पर अकेला हो गया था!  घर पर कोई नहीं था उसकी मम्मी भी कुछ काम से बाहर गई हुई थी और उसके पापा भी ऑफिस के काम से बाहर चले गए थे।  चिंटू बेटा सोच ही रहा था कि तभी उसके मामा जी दरवाजे की घंटी बजाते हैं।  चिंटू दौड़ता हुआ जाता है खुश होते हुए कहता है?  लगता है मामा जी आ गए,  चिंटू दरवाजा खोलता है बहार उसके मामा जी थे,  मामा जी अंदर आते हैं और चिंटू को चॉकलेट  देते हैं।  चिंटू अपने मामा जी को धन्यवाद कहकर ले लेता है और दोनों फिर कमरे के अंदर चले जाते हैं और खेलने लगते हैं।  चिंटू कमरे के अंदर इधर-उधर  दौड़ने लगता है। 

चिंटू को दौड़ता हुआ देखकर मामा जी कहते हैं बेटा इतना मत दौड़ो गिर जाओगे।  चिंटू मामा जी के बात नहीं सुनता और  जवाब में कहता है नहीं मामा जी मैं नहीं करूंगा और चिंटू कमरे में इधर-उधर दौड़ता रहता है और फिर शांत से नहीं बैठता है।

मामा जी की जादुई कहानी

 मामाजी  चिंटू  को बुलाकर कहते हैं बेटा तुम्हें आज मैं जादू की कहानी सुनाऊंगा,  चिंटू सुनकर खुश हो जाता है यार हंसता हुआ कहता है  सच में  मामा जादू की कहानी।  तभी  उसके मामा जी कहते हां बेटा यह कहानी एक जादुई चप्पल की।  जादुई चप्पल सुनकर चिंटू  कहता है झूठे मामा जादुई चप्पल तो नहीं होते है।  फिर मामाजी चिंटू को कहता है नहीं बेटा जादुई चप्पल होता है और मेरे पास खुद  एक जादुई चप्पल है। इस जादुई चप्पल मुझे एक ऋषि ने दिया था बहुत साल  पहले।  यह बातें सुनकर चिंटू जादुई चप्पल को देखने का जीत पकड़ लेता है और मजबूरन मामा जी को उस जादुई चप्पल दिखानी पड़ती है। 

जादुई चप्पल और चिंटू

मामा जी दो बड़े रंग बिरंगे चप्पल चिंटू के सामने रख देते हैं और कहते हैं यह देखो जादुई चप्पल।  चिंटू चप्पल देख कर खुश हो जाता है और मामा जी से पूछता  है,  ए चप्पल काम भी करता है!  या नहीं?। जादुई चप्पल की जादू दिखाने के लिए मामा जी वह चप्पल को पहन लेते हैं और एक बार  कूदते हैं।  चप्पल के कूदने से एक सोने का सिक्का निकलता है।  चिंटू सोने का सिक्का और चप्पल का कमाल देख कर काफी अचंभित रह जाता है।  और खुश होता हुआ मामा जी से कहता है और जादू दिखाओ ना,  और उछाल के सोने  का सिक्का निकालो ना।

 और तभी उसके मामा जी उसे समझाते हुए कहते हैं नहीं बेटा ध्यान से, एक ऐसी जादुई चप्पल है  जिससे तुम सोने का सिक्का निकाल लोगे तो तुम्हारी हाइट 1 इंच कम जाएगी।  वह बातें सुनकर चिंटू कहता है क्या सच में मामाजी?  मामा जी हां में जवाब देते।  यह सब सुनने के बाद भी चिंटू और जादुई चप्पल लेने का जीत करता है।   चिंटू के मामा वह जादुई चप्पल देते हुए  कहता हैं देखो बेटा यह चप्पल तुम्हें  केबल रात भर के लिए  देता हूं आकर इसे वापस ले जाऊंगा।

 चिंटू खुशी खुशी रात भर के लिए और चप्पल ले लेता है,  और अपने कमरे में सोने चला जाता है।  सोते वक्त चिंटू के मन में वह जादुई चप्पल इस्तेमाल करने का विचार आता है।  और वह मन ही मन में तय करता है मुझे इस जादुई चप्पल एक बार इस्तेमाल करना चाहिए।  चिंटू जादुई चप्पल को पहनता है और एक बार उछलता है उसके उछलने से ही वहां एक सोने का सिक्का आ जाता है।  सिक्का देखकर चिंटुआ खूब ही अच्छा लगता है और वह सोचता है कल मैं अपने पापा को यह सोने का सिक्का दूंगा वह खुश हो जाएंगे।

थोड़ी देर बाद फिर से सोचने लगता है उस जादुई चप्पल के बारे में और अपने आप से कहता है मुझे इस जादुई चप्पल को और इस्तेमाल करना चाहिए,  ढेर सारे सोने का सिक्का लेना चाहिए।  चिंटू चप्पल पहनकर उछलने लगता है और ढेर सारे सोने का  सिक्का ले आता है। चिंटू ढेर सारे सोने का सिक्का जमा करके एक जगह रख देता है।  वह काफी थक जाता है और उसे नींद आने लगती है,  जैसे ही वह बिस्तर के पास जाता है वह  बिस्तर तक पहुंच ही नहीं पाता था।  तब काफी देर हो चुकी थी वह  चिठी के इतना छोटा बन जाता है।

चिंटू को अपनी गलती का एहसास होता है,  और वह सोचता है मैंने मामा जी के बाद नहीं मानकर बहुत ही बड़ी गलती कर दी है।  वह जोर जोर से चिल्लाता  रहता है,  पर वहां उसे सुनने वाला कोई नहीं  रहता है, और अंत में पछताता रहता है

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