जादुई पेड़ | Magical Tree | Horror Hindi Story

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जादुई पेड़ की कहानी -:

एक गाँव मे एक किसान रहता था, वो काफ़ी गरीब था, और खेती कर कर के अपनी जिंदगी गुजारता था |

एक दिन वो अपने खेतो से घर वापस लौट रहा था…

किसान : वो अपने मन मे ही सोच रहा था कैसी जिंदगी आ गयी है… खाने तक के पैसे जुगाड़

नहीं हो प् रहा है, खाने के लाले पड़ चुके है….

किसान : (कुछ दूर आगे आकर फिर बोलता है) इतने खेत भी नहीं है की मै खुद से खेती करके अच्छा

खासा धन् इकठा कर सकूँ ….

और वो उदास हुआ अपने घर वापस आ जाता है वहा उसे उदास देख कर उसका 12 साल का बेटा बोलता है…

बेटा : क्या हुआ पापा….इतना उदास क्यूँ हो आप…

किसान : क्या करू बेटा जिंदगी ही ऐसी है..

बेटा : अरे पापा बताओ तो… हुआ क्याहै…

किसान : बेटा मै खेती करके भी अच्छा धन नहीं कमा पा रहा

हूँ… और पैसो की काफ़ी दिक्कत हो रही है…

बेटा : पापा आप जादा सोचो मत सब बढ़िया होगा…. और

भगवान हमारी जरुर सुनेगा…

किसान : हां बेटा…

और किसान बैठ कर आराम करने लगता है और कुछ सोचता रहता है|

और फिर रात होती है वो किसान सो रहा था, तभी उसके सपने मे एक पेड़ बोलता

है…

पेड़ : (किसान के सपने मे बोलता है)

 बोहत जल्दी तुम्हारी गरीबी ख़त्म होने वाली है…

सपने मे पेड़ को बोलता देख वो तुरंत उठ जाता है और किसान की नीदं खुल जाती

है..

और किसान बाहर की तरफ देखता है की सुबह हो चुकी है…

किसान : अपने आपसे कहता हे ए  कैसा सपना था…. ये सचमुच का सपना था या बस

ऐसे ही….

वो सोच ही रहा था की वहा उसका बेटा आ जाता है और फिर से अपने पापा से

बोलता है..

बेटा : क्या हुआ पिताजी आप चीख क्यूँ रहे थे…

किसान : कुछ नहीं बेटा बस ऐसे ही मेरी नीदं खुल गयी…

बेटा : पापा आपने कुछ बुरा सपना देखा क्या…

किसान : नहीं बेटा मैंने तो अच्छा सपना देखा…

बेटा : पापा मैंने ने भी आज एक सपना देखा…

किसान : बोलो बेटा क्या देखा सपने मे…

बेटा कहता हे.. पापा मैंने सपने मे देखा की एक जादुई पेड़ मुझसे

बोल रहा है की…. आप जल्दी ही अमीर बनने वाले

हो…

ये सुनते ही किसान चौक जाता है और बोलता है..

किसान : चौकते हुए बोलता है.. यही सपना तो मैंने भी देखा है…

बेटा : पापा तो सच मे इस सपने मे जरुर सच्चाई है… हमे

जल्दी ही पेड़ के पास जाना चाहिये…

किसान : हां सच कह रहे हो बेटा…

किसान : फिर से बोलता है

चलो जल्दी चलते है… उस पेड़ के पास…

और दोनों खेत के पास आ जाते है जो हमने सपने मे देखा था, और फिर वहा वो दोनों

उस पेड़ को खोजते है…

तभी उसका बेटा बोलता है…

बेटा : इसारा करता हुआ बोलता है पापा देखो मिल गया वो पेड़…. वो रहा पेड़..

और फिर दोनों पेड़ के पास जाते है, वो एक पीपल का पेड़ था…

और उस पेड़ के नीचे एक बिल था…

पेड़ से फिर से आवाज आती है…

जादुई पेड़ : (बोलता है) यहाँ इस बिल मे एक सांप है, जो यहाँ का देवता है, इसकी सेवा करोगे तो तुम्हे फाल जल्दी मिलेगा….

पेड़ की आवाज सुनकर दोनों दंग रह जाते है और फिर किसान बोलता है..

किसान : (पेड़ से हाथ जोड़ कर बोलता है) आप हमे बताये… हमे क्याकरना होगा…

जादुई पेड़ : आपको हर रोज यहाँ एक दूध का कटोरा लाकर रख

देना होगा…. ताकि तुम्हारे देबता ग्रहण कर सके ..

किसान : ठीक है प्रभु …मै अभी लाकर रख देता हूँ…

किसान और उसका बेटा दौड़ता हुआ अपने घर जाता है, और घर से एक कटोरा दूध

लाकर पेड़ के नीचे बिल मे रख देते है और वहा से जाने लगते है…

दोनों रातमे बाते करते रहते है…

किसान : अब पता नहीं क्या होगा…. सच मे कुछ चमत्कार

होगा भी या नहीं ..

बेटा : मुझे भी नहीं मालूम पिताजी…. हमे कल ही पता

चलेगा…

और दोनों वापस घर आ जाते है…

रात मे दोनों सोने चले जाते है…,और फिर से वो पेड़ किसान के सपने मे बोलता

है…

जादुई पेड़ : (सपने मे किसान को बोलता है) जाओ तुम अपना कटोरा देख सकते हो….

किसान सपना देख कर तुरंत उठ जाता है और जैसे ही आँखे खोलता है…. देखता है

की सुबह हो चुकी है…

उसी बक्त उसका बेटा भी वहा आता है और बोलता है…

बेटा : (अपने पिताजी से बोलता है) पिताजी आज भी आपने वही सपना देखा जो मैंने…

किसान : (हैरानी और खुशी मे बोलता है) हां हां… मैंने सपने मे फिर से जादुई पेड़ देखा जो

मुझसे बोल रहा है….जाकर अपना कटोरा देखो…

बेटा : (हैरानी मे) हां हां मैंने भी यही सपना देखा है..

किसान : क्या सच मे…

तुमने यही सपना देखा है.. हां पिताजी मैंने भी यही सपना देखा…. सोथे वक्त

…. अब जल्दी से उस पेड़ के पास चलते है….

दोनों दौड़ते हुए उस पेड़ के पास जाते है और देखते है की वहा का दूध का कटोरा

खाली है और उस कटोरे मे एक सोने का सिक्का हें…

ये देख कर उसका बेटा बोलता है…

बेटा : (खुशी मे अपने पिताजी से बोलता है) पापा देखो…क्या है… सोने का सिक्का…

किसान : अरे हां सच मे सोने का सिक्का…मजा आ गया…

बेटा : हां हां सच मे काफ़ी मजा आगया…

और दोनों काफ़ी ख़ुश हो जाते है और वहा नाचते और झूमने लगते है….

किसान : (बेटे से)

बेटा चलो अब फिर से यहाँ दूध का कटोरा छोड़ देते

है…. और फिर कल देखेंगे क्या होता है…

बेटा : हां पिताजी सही कहा…

और दोनों वहा फिर से दूध का कटोरा छोड़ देते है और अगले दिन फिर से एक सोने

का सिक्का देखते है,  और रातो रात वोलोग अमीर बना जाते है…

फिर एक दिन उसका बेटा बोलता है..

बेटा : पापा लगता है यहाँ जादुई पेड़ के नीचे ढेर सारा सोना

छिपा हुआ है… वही से रोजाना एक एक सोने का

सिक्का मिलता है… क्यूँ ना हम पेड़ को काट कर

नीचे बिल से सारा सोना निकाल ले..

किसान : हां सही कहा बेटा…चलो पेड़ को काट कर नीचे छुपे

सारे पैसे निकाल लेते है….

और दोनों बाप बेटे लालच मे पेड़ को काट देते है और नीचे बिल को खोदने लगते

है, तभी वहा से एक सांप निकलता है और किसान के बेटे को काट लेता है…

बेचारा किसान देखता ही देखता रहा जाता है और रोता हुआ घर चला जाता है और

सोने मिलने भी बंद हो जाते है और किसान पछताता रहता है |

सन्देश :-

कभी भी हमे जादा लालच नहीं करनी चाहिये, क्यूँ की लालच हमेसा हमे गलत रस्ता पर ले जाती है |

समाप्त